*।।🌞सुप्रभातम्🌞।।*
*🙏🏻📙आज का चाणक्य सूत्र:-* *||१३||*
*🕉️।।संस्कृत श्लोकः।।🕉️*
*यो ध्रुवाणि परित्यज्य अध्रुवं परिषेवते ।*
*ध्रुवाणि तस्य नश्यन्ति अध्रुवं नष्टमेव च ।।*
*🌹शब्दार्थ:-*
*जो हाथ में आए निश्चित पदार्थों को छोड़कर अनिश्चित पदार्थों को पाने की चेष्टा में उनके पीछे भागता है, उस मूर्ख को अनिश्चित का मिलना तो दूर रहा, उसके निश्चित भी नष्ट हो जाते हैं। जब तक वह अनिश्चित पाने की ललक में भटकता है, तब तक निश्चित लोप हो जाते हैं।*
*उपरोक्त श्लोक को यों भी समझा जा सकता है कि मनुष्य को चाहिए कि जो कुछ पदार्थ-धन-संपदा, खाने-पीने की चीजें आदि उसके पास है, पहले उन्हें अच्छी तरह संजो ले। उनका उचित ढंग से उपयोग करना जान ले। उसके बाद ही आगे पाने का प्रयत्न करें। कहा भी गया है- (आधी छोड़ सारी खुद आवे आधी रहना सारी पावे।)*
*दूसरों के पास अधिक सुख की चीजें देखकर, उनको पाने के लिए लालयित व्यक्ति, अपने सुख पर ध्यान न देकर दूसरों का अधिक सुख पाने को भागता है, तब निश्चित रूप से उसका सुख भी उससे छूट जाता हैं।*
*🌹भावार्थ:-*
*जो मनुष्य निश्चित को छोड़कर अनिश्चित के पीछे भागता है, उसका निश्चित कार्य या पदार्थ नष्ट हो जाता है एवं अनिश्चित तो नष्ट है ही।*
*🌹महत्ता:-*
*अनिश्चितता के पीछे दौड़ना कभी अच्छा नहीं।*
Ambala Jyotish
ज्योतिष, कुंडली विवेचन, ज्योतिष के आधा
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🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞
⛅ दिनांक 29 मई 2021
⛅ दिन - शनिवार
⛅ विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)
⛅ शक संवत - 1943
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - ग्रीष्म
⛅ मास - ज्येष्ठ (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - वैशाख)
⛅ पक्ष - कृष्ण
⛅ तिथि - तृतीया सुबह 06:33 तक तत्पश्चात चतुर्थी
⛅ नक्षत्र - पूर्वाषाढा शाम 06:04 तत्पश्चात उत्तराषाढा
⛅ योग - शुभ सुबह 11:30 तक तत्पश्चात शुक्ल
⛅ राहुकाल - सुबह 09:17 से सुबह 10:56 तक
⛅ सूर्योदय - 05:58
⛅ सूर्यास्त - 19:14
⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण -
💥 विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞
*2️⃣9️⃣ मई 2⃣0⃣2⃣1️⃣ शनीवार‼️*
राजा राष्ट्रकृतं पापं राज्ञः पापं पुरोहितः।
भर्ता च स्त्रीकृतं पापं शिष्य पापं गुरस्तथा॥
भावार्थ - राष्ट्र के अहित का जिम्मेदार राजा का पाप होता है, राजा के पाप का जिम्मेदार उसका पुरोहित होता है, स्त्री के गलत कार्य का जिम्मेदार उसका पति होता है और शिष्य के पाप का जिम्मेदार गुरु होता है।
🙏कुंडली विश्लेषण🙏
positive ओर negative दोनोँ सुनने के आदि हो तो ही सम्पर्क करेँ।🙏🙏
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सच जो होगा वो ही बताया जाएगा।
23/05/2021
*।।🌞सुप्रभातम्🌞।।*
*🙏🏻📙आज का चाणक्य सूत्र:-*
*🕉️।।संस्कृत श्लोकः।।🕉️*
*आपदर्थे धनं रक्षेद् दारान् रक्षेद्धनैरपि ।*
*आत्मानं सततं रक्षेद् दारैरपि धनैरपि ।।*
*🌹शब्दार्थ:-*
*मनुष्य को आकस्मिक विपत्ति के लिए धन बचाना और संचित करना चाहिए, किंतु धन के बदले यदि स्त्रियों की रक्षा करनी पड़े, तो धन का भी व्यय कर देना चाहिए। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को अपनी रक्षा के लिए इन दोनों चीजों का भी बलिदान करना पड़े, तो इनका बलिदान करने से नहीं चूकना चाहिए।*
*आचार्य चाणक्य के मतानुसार, बुद्धिमान मनुष्य को चाहिए कि आपत्तिकाल (विपत्ति) के लिए धन का संग्रह कर, उसकी रक्षा करें। धन से भी अधिक पत्नी की रक्षा करनी चाहिए। पत्नी की रक्षा के लिए धन का व्यय करना पड़े, तो नि:संकोच करना चाहिए, किंतु धन और स्त्री से भी अधिक अपनी रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि अपना विनाश हो जाने पर धन और स्त्री का प्रयोजन ही क्या है? कहा गया है-कुल की रक्षा के लिए कुल को त्याग देना चाहिए। जनपद के लिए ग्राम को छोड़ देना चाहिए और आत्मरक्षा के लिए समस्त पृथ्वी को छोड़ देना चाहिए।*
*🌹भावार्थ:-*
*आचार्य चाणक्य धन का महत्व कम नहीं आँकते, क्योंकि उससे व्यक्ति को अनेक कष्टों से मुक्ति मिलती है, पर उनका यह भी कहना है कि परिवार की स्त्रियों का महत्व धन से कई गुना अधिक होता है-उनकी मान-मर्यादा की रक्षा में व्यक्ति की मान-मर्यादा की रक्षा होती है। साथ ही व्यक्ति का अपना महत्व सबसे अधिक है । अपने ऊपर बात आ पड़े तो सब-कुछ त्यागकर अपनी रक्षा करनी चाहिए।*
*🌹महत्ता:-*
*किसी भी व्यवस्था में अपनी (स्वयं की रक्षा) करना अत्यंत आवश्यक है।*
🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞
⛅ दिनांक 19 मई 2021
⛅ दिन - बुधवार
⛅ विक्रम संवत - 2078
⛅ शक संवत - 1943
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - ग्रीष्म
⛅ मास - वैशाख
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ तिथि - सप्तमी दोपहर 12:51 तक तत्पश्चात अष्टमी
⛅ नक्षत्र - अश्लेशा शाम 03:48 तक तत्पश्चात मघा
⛅ योग - ध्रुव 20 मई रात्रि 01:10 तक तत्पश्चात व्याघात
⛅ राहुकाल - दोपहर 12:35 से दोपहर 02:14 तक
⛅ सूर्योदय - 06:00
⛅ सूर्यास्त - 19:10
⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण - बुधवारी अष्टमी (दोपहर 12:51 से 20 मई सूर्योदय तक)
💥 विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞
🌷 तुलसी के बीज का चमत्कार 🌷
➡ तुलसी के बीज पीसकर रखो । एक चुटकी बीज रात को भिगा दो । सुबह खा लो । इससे ....
🌿 पेट की तकलीफ़ भागेगी|
🌿 यादशक्ति बढेगी ।
🌿 बुढ़ापे की कमजोरी से बचोगे ।
🌿 heart attack नहीं होगा ।
🌿 High Blood Pressure भी नहीं होगा ।
पं. शिवम् जोशी
*🔅┅🌿🐚☆"ॐ"☆🐚🌿┅🔅*
*1️⃣9️⃣मई 2⃣0⃣2⃣1️⃣ 🌿 बुधवार 🙏❤️
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻
🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞
⛅ दिनांक 18 मई 2021
⛅ दिन - मंगलवार
⛅ विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)
⛅ शक संवत - 1943
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - ग्रीष्म
⛅ मास - वैशाख
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ तिथि - षष्ठी दोपहर 12:32 तक तत्पश्चात सप्तमी
⛅ नक्षत्र - पुष्य दोपहर 02:55 तक तत्पश्चात अश्लेशा
⛅ योग - वृद्धि 19 मई रात्रि 02:17 तक तत्पश्चात ध्रुव
⛅ राहुकाल - शाम 03:53 से शाम 05:32 तक
⛅ सूर्योदय - 06:00
⛅ सूर्यास्त - 19:09
⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण - श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती)
🌷 गंगा जयंती महत्व 🌷
🙏🏻 गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है | वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है |
🙏🏻 गंगा जयंती के शुभ अवसर पर गंगा जी में स्नान करने से सात्त्विकता और पुण्यलाभ प्राप्त होता है | वैशाख शुक्ल सप्तमी का दिन संपूर्ण भारत में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाता है यह तिथि पवित्र नदी गंगा के पृथ्वी पर आने का पर्व है गंगा जयंती | स्कन्दपुराण, वाल्मीकि रामायण आदि ग्रंथों में गंगा जन्म की कथा वर्णित है |
🙏🏻 भारत की अनेक धार्मिक अवधारणाओं में गंगा नदी को देवी के रूप में दर्शाया गया है | अनेक पवित्र तीर्थस्थल गंगा नदी के किनारे पर बसे हुये हैं | गंगा नदी को भारत की पवित्र नदियों में सबसे पवित्र नदी के रूप में पूजा जाता है | मान्यता है कि गंगा में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है | लोग गंगा के किनारे ही प्राण विसर्जन या अंतिम संस्कार की इच्छा रखते हैं तथा मृत्यु पश्चात गंगा में अपनी राख विसर्जित करना मोक्ष प्राप्ति के लिये आवश्यक समझते हैं | लोग गंगा घाटों पर पूजा अर्चना करते हैं और ध्यान लगाते हैं |
17/04/2020
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12/01/2020
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26/09/2019
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We cannot change the circumstances in which our soul chose to be born, but we can definitely change the circumstances in which we grow.ASTROLOGY, VASTU SASTRA, AURA, AROMA. SHIVYOG,ARTOF LIVING, ISHAYOG,OSHO AND NEWAGE MEDITATION अध्यात्म, ज्योतिष, यन्त्र-मन्त्र-तन्त्र, वेद, पुराण, इतिहास, गुढ़-रहस्य समस्त समस्या का निराकरण सम्भव नहीं है, मात्र कुछेक समस्या का ही समाधान सम्भव है। Accurate Horoscope Analysis and Remedies for All Problems
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