Eastern Railwaymen’s Union Bhagalpur

Directions Website Contact the business

Eastern Railwaymen’s Union Bhagalpur Our AIM is Socialism.

🚩 **एक विचारणीय संदेश – नेतृत्व, अनुभव, सम्मान और संगठन का भविष्य!**आजकल संगठन में कुछ लोग बार-बार **सेवानिवृत्ति और उम्...
04/11/2026

🚩 **एक विचारणीय संदेश – नेतृत्व, अनुभव, सम्मान और संगठन का भविष्य!**

आजकल संगठन में कुछ लोग बार-बार **सेवानिवृत्ति और उम्र का मुद्दा उठाकर** भ्रम फैलाने तथा अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की रोटी सेंकने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि आज की युवा पीढ़ी भी इस सोच और इसके पीछे छिपे उद्देश्यों को समझने लगी है।

हमें यह समझना होगा कि किसी अनुभवी नेता की उपयोगिता उसकी उम्र या सेवानिवृत्ति की तारीख से तय नहीं होती। वर्षों का संघर्ष, संगठन के प्रति समर्पण, प्रशासनिक समझ, कर्मचारियों के अधिकारों के लिए लड़ने का साहस और विपरीत परिस्थितियों में नेतृत्व करने का अनुभव किसी एक दिन में पैदा नहीं होता।

एक गंभीर पहलू यह भी है कि सरकार या व्यवस्था के लिए कई बार अनुभवी, जागरूक और सवाल उठाने वाले नेतृत्व की तुलना में अनुभवहीन एवं कमजोर आवाजों को अपने अनुकूल देखना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। ऐसे में यदि संगठन के भीतर ही कुछ महत्वाकांक्षी लोग सेवानिवृत्ति का मुद्दा उछालकर अनुभवी नेतृत्व को किनारे करने की सोच को बढ़ावा देते हैं, तो वे अनजाने में कर्मचारी हितों को कमजोर करने वाली सोच को ही बल दे रहे होते हैं।

**सबसे दुखद बात यह है कि जो लोग बुजुर्गों और अनुभवी नेतृत्व के खिलाफ अनाप-शनाप बातें करते हैं, उनकी सोच पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। क्या वे अपने घरों में भी अपने बुजुर्ग माता-पिता के प्रति ऐसी ही सोच और व्यवहार रखते होंगे?**

जिस प्रकार परिवार में माता-पिता और बुजुर्गों का स्थान कोई नई पीढ़ी नहीं ले सकती, उसी प्रकार संगठन में भी वरिष्ठ एवं अनुभवी नेताओं के योगदान को केवल उम्र या सेवानिवृत्ति के आधार पर नकारा नहीं जा सकता।

हमें कुछ बातें हमेशा याद रखनी चाहिए:

- युवाओं में ऊर्जा और नए विचार होते हैं, जबकि वरिष्ठों के पास वर्षों का अनुभव और दूरदर्शिता होती है।
- युवाओं को नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन वरिष्ठों का अपमान करके नहीं।
- अनुभवी नेताओं का मार्गदर्शन संगठन की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी पूंजी है।
- नेतृत्व का मूल्यांकन उम्र से नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण, साहस और कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता से होना चाहिए।
- व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा कभी भी संगठन के सामूहिक हित से बड़ी नहीं हो सकती।

**युवा नेतृत्व और अनुभवी नेतृत्व एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि संगठन की दो मजबूत ताकतें हैं।** दोनों की मौजूदगी और सहभागिता संगठन को मजबूत बनाती है।

आज जो युवा हैं, वे भी कल वरिष्ठ होंगे। यदि आज हम अपने बुजुर्गों और अनुभवी लोगों के सम्मान की परंपरा समाप्त कर देंगे, तो आने वाली पीढ़ी से अपने सम्मान की अपेक्षा कैसे करेंगे?

हमें ऐसी सोच से सावधान रहना होगा, जिसमें युवाओं के भविष्य और वरिष्ठों की सेवानिवृत्ति का नाम लेकर कुछ लोग अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना चाहते हैं।

**संगठन किसी एक व्यक्ति या पीढ़ी की जागीर नहीं है। इसे बनाने में कई पीढ़ियों का संघर्ष, त्याग और समर्पण लगा है। इसलिए किसी अनुभवी नेता को केवल सेवानिवृत्ति के आधार पर अप्रासंगिक समझना संगठन के इतिहास और योगदान का अपमान है।**

अंततः स्पष्ट संदेश यही है:

**न वरिष्ठों को हटाने की राजनीति होनी चाहिए, न युवाओं के अवसरों पर रोक। वरिष्ठों का अनुभव, युवाओं की ऊर्जा और सबकी सामूहिक एकजुटता ही संगठन की असली ताकत है।**

🚩 **वरिष्ठों का सम्मान भी, युवाओं को अवसर भी और संगठन की एकता भी!**

**व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, संगठन का सामूहिक हित सर्वोपरि होना चाहिए।**

03/11/2026

🚩 साथियों, किसी निमंत्रण या बुलावे का इंतजार मत कीजिए!

यह लड़ाई किसी एक संगठन, पदाधिकारी या व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूर्व रेलवे के प्रत्येक युवा कर्मचारी के अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है।

बिना किसी औपचारिक निमंत्रण की प्रतीक्षा किए, स्वयं आगे बढ़कर इस आंदोलन में शामिल हों। यह आपका संघर्ष है, आपके अधिकारों की लड़ाई है और आपके भविष्य का सवाल है।

याद रखिए, हमारी एकजुटता जितनी मजबूत होगी और प्रदर्शन में हमारी भागीदारी जितनी बड़ी होगी, हमारी मांगों को स्वीकार किए जाने की संभावना भी उतनी ही अधिक होगी।

इसलिए सभी युवा रेलकर्मियों एवं पात्र कर्मचारियों से अपील है कि अपने-अपने स्तर पर अधिक से अधिक साथियों को साथ लेकर कोलकाता पहुंचें। निर्धारित समय से पहले फेयरली प्लेस स्थित महाप्रबंधक कार्यालय के गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

📅 दिनांक: 06 नवंबर 2026 (शुक्रवार) 📍 स्थान: महाप्रबंधक कार्यालय, फेयरली प्लेस, कोलकाता 🕝 समय: दोपहर 2:30 बजे

अब इंतजार नहीं, अब अधिकार की बात होगी! अब चुप्पी नहीं, अब संघर्ष की शुरुआत होगी!

🚩 जागो युवा जागो – चलो कोलकाता! ✊ GDCE हमारा अधिकार है, इसे लेकर रहेंगे!

🚩 जागो युवा जागो! चलो कोलकाता!🚩🔥 पूर्व रेलवे में वर्षों से GDCE बहाली रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुरूप नहीं किए जाने के व...
03/11/2026

🚩 जागो युवा जागो! चलो कोलकाता!🚩

🔥 पूर्व रेलवे में वर्षों से GDCE बहाली रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुरूप नहीं किए जाने के विरोध में हल्ला बोल!

पूर्व रेलवे में GDCE (General Departmental Competitive Examination) के माध्यम से कर्मचारियों को मिलने वाले अवसरों की अनदेखी और रेलवे बोर्ड के निर्धारित नियमों के अनुरूप GDCE प्रक्रिया लागू नहीं किए जाने के खिलाफ अब निर्णायक आवाज उठाने का समय आ गया है।

आखिर कब तक पूर्व रेलवे के युवा कर्मचारी अपने विभागीय अधिकारों और पदोन्नति के अवसरों से वंचित रहेंगे?

**अब चुप रहने का नहीं, अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का समय है!**

✊ **हमारी प्रमुख मांगें:**
- GDCE की बहाली रेलवे बोर्ड के नियमानुसार सुनिश्चित की जाए।
- GDCE की लंबित परीक्षाएं शीघ्र आयोजित की जाएं।
- सभी पात्र कर्मचारियों को विभागीय प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसर मिले।
- LDCE के अवसर सभी पात्र कर्मचारियों के लिए खोले जाएं।
- सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।
- आउटसोर्सिंग एवं निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
- नियमित रोजगार और कर्मचारियों के सेवा अधिकारों की रक्षा की जाए।

🪔 **धनतेरस के पावन अवसर पर अपने अधिकारों की मांग का दीप जलाएं!**

इस बार धनतेरस केवल दीपावली की खरीदारी तक सीमित न रहे, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान, रोजगार और भविष्य के लिए संघर्ष का प्रतीक बने।

📢 **आइए, भारी संख्या में कोलकाता पहुंचकर अपनी एकजुटता और ताकत का परिचय दें।**

जागो युवा जागो – चलो कोलकाता!

📅 दिनांक: 06 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
📍 स्थान: महाप्रबंधक कार्यालय, फेयरली प्लेस, कोलकाता।
🕝 समय: दोपहर 2:30 बजे।

**आयोजक: EASTERN RAILWAYMEN'S UNION (ERMU)**

🚩 हमारा हथियार – एकता
🚩 हमारा मार्ग – संघर्ष
🚩 हमारा लक्ष्य – कर्मचारियों का अधिकार और सम्मान!

**GDCE हमारा अधिकार है, इसे लेकर रहेंगे!**

03/11/2026
🚩 **रेलवे में GDCE बहाल करो, आउटसोर्सिंग एवं निजीकरण बंद करो!** 🚩**युवाओं को अवसर दो, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा क...
03/11/2026

🚩 **रेलवे में GDCE बहाल करो, आउटसोर्सिंग एवं निजीकरण बंद करो!** 🚩

**युवाओं को अवसर दो, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करो और रेलवे को बचाओ!**

रेलवे कर्मचारियों के भविष्य, रोजगार की सुरक्षा और विभागीय पदोन्नति के अवसरों को लेकर EASTERN RAILWAYMEN'S UNION (ERMU) द्वारा एक महत्वपूर्ण **महा सम्मेलन** आयोजित किया जा रहा है।

हमारी प्रमुख मांग है कि रेलवे में GDCE (General Departmental Competitive Examination) को तत्काल बहाल किया जाए और शीघ्र परीक्षा आयोजित कराई जाए, ताकि रेलवे के योग्य एवं अनुभवी कर्मचारियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

✊ **महा सम्मेलन की प्रमुख मांगें एवं मुद्दे:**

**1. GDCE एवं विभागीय पदोन्नति**
- GDCE (सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा) तत्काल बहाल की जाए एवं शीघ्र परीक्षा आयोजित हो।
- LDCE (Limited Departmental Competitive Examination) सभी पात्र कर्मचारियों के लिए खोली जाए।
- सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।

**2. बोनस एवं आर्थिक लाभ**
- PLB बोनस का भुगतान मूल वेतन (Basic Pay) के आधार पर किया जाए।
- 18 महीने के लंबित DA/DR एरियर का भुगतान किया जाए।

**3. रेलवे में रोजगार एवं नियमित नियुक्ति**
- रेलवे में निजीकरण (Privatization) पर रोक लगाई जाए।
- संविदा एवं आउटसोर्सिंग प्रथा समाप्त की जाए।
- रेलवे के कार्यों में नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति एवं पदों को प्राथमिकता दी जाए।

**4. पेंशन एवं श्रमिक अधिकार**
- नई श्रम संहिताओं (New Labour Codes) को समाप्त किया जाए।
- UPS के अंतर्गत सभी पात्र कर्मचारियों को OPS का लाभ प्रदान किया जाए।

**5. प्रशासनिक सुधार**
- प्रशासनिक मनमानी एवं कर्मचारी विरोधी निर्णयों पर रोक लगाई जाए।
- कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

📢 **एकजुटता ही हमारी ताकत है!**

रेलवे को निजी हाथों में सौंपने, नियमित रोजगार समाप्त करने और कर्मचारियों के अधिकारों पर हमला करने वाली नीतियों के खिलाफ हम सब एकजुट हैं।

📍 **महा सम्मेलन**
- दिनांक: 06 नवंबर 2026
- समय: दोपहर 2:30 बजे
- स्थान: फेयरली प्लेस (जी.एम. कार्यालय), कोलकाता।

**उद्घाटनकर्ता:** कॉमरेड अमित कुमार घोष, महामंत्री, ERMU।

**मुख्य वक्ता:** कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा, महामंत्री, AIRF।

**आयोजक नेतृत्व:**
कॉमरेड चितरंजन सरकार, अध्यक्ष, ERMU।

🚩 **आइए, अपने अधिकारों, रोजगार, पेंशन और रेलवे की रक्षा के लिए एकजुट हों!**

**GDCE हमारा अधिकार है – आउटसोर्सिंग का विरोध हमारा संकल्प है!**

**निजीकरण के खिलाफ, कर्मचारी एकता के साथ!**

🚩 रेल कर्मचारियों के हित में AIRF की एक और महत्वपूर्ण पहल! 🚩न भाषणबाजी, न खोखले वादे – सिर्फ कर्मचारी हित!रेल कर्मचारियो...
02/11/2026

🚩 रेल कर्मचारियों के हित में AIRF की एक और महत्वपूर्ण पहल! 🚩

न भाषणबाजी, न खोखले वादे – सिर्फ कर्मचारी हित!

रेल कर्मचारियों की HRMS से जुड़ी गंभीर समस्याओं, तकनीकी खामियों एवं लंबे समय से लंबित Service Requests के समाधान के लिए AIRF के महामंत्री आदरणीय कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जी ने दिनांक 02 नवम्बर 2026 को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO को विस्तृत पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

इस पत्र के माध्यम से उन्होंने देशभर के रेल कर्मचारियों की निम्नलिखित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है:

🔹 Promotion एवं Pay Fixation में अनावश्यक विलंब।
🔹 Transfer एवं Mutual Transfer के लंबित मामले।
🔹 Seniority एवं Service Records में सुधार।
🔹 Leave Encashment से संबंधित समस्याएं।
🔹 CRIS/HRMS Helpdesk की कार्यप्रणाली में सुधार।
🔹 लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान।
🔹 प्रत्येक Service Request के लिए निश्चित समय-सीमा।
🔹 तकनीकी खामियों को दूर करने एवं जवाबदेही तय करने की मांग।

विशेष रूप से मालदा मंडल, पूर्व रेलवे के MCM (TL & AC) Promotion List में दिसंबर 2025 से लंबित विसंगतियों का मुद्दा भी रेलवे बोर्ड के समक्ष उठाया गया है।

हमारे आदरणीय नेता कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जी की पहचान केवल भाषणों से नहीं, बल्कि रेल कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को उचित मंच पर उठाकर उनके समाधान के लिए ठोस पहल करने से है।

कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान, पदोन्नति एवं सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत ऐसे नेतृत्व को हमारा सलाम!

न भाषणबाजी, न खोखले वादे – सिर्फ कर्मचारी हित!

🚩 कॉमरेड अमित कुमार घोष जिंदाबाद!
🚩 कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जिंदाबाद!
🚩 EASTERN RAILWAYMEN'S UNION (ERMU) जिंदाबाद!
🚩 ALL INDIA RAILWAYMEN'S FEDERATION (AIRF) जिंदाबाद!
🚩 रेल कर्मचारी एकता जिंदाबाद!

 # HRMS की खामियों एवं रेल कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान हेतु AIRF के महामंत्री कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जी ने ...
02/11/2026

# HRMS की खामियों एवं रेल कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान हेतु AIRF के महामंत्री कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जी ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO को लिखा विस्तृत पत्र

**दिनांक: 02 नवम्बर 2026**

**प्रिय रेल साथियों,**

ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के महामंत्री **कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जी** ने भारतीय रेलवे में HRMS पोर्टल एवं CRIS Helpdesk की कार्यप्रणाली में व्याप्त तकनीकी खामियों, कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं तथा लंबे समय से लंबित Service Requests के गंभीर मुद्दे को लेकर दिनांक 02 नवम्बर 2026 को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO को एक विस्तृत पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप एवं आवश्यक सुधार की मांग की है।

HRMS को रेलवे कर्मचारियों की सेवा संबंधी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन वर्तमान में इसकी तकनीकी एवं कार्यप्रणाली संबंधी खामियों के कारण देशभर के रेल कर्मचारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

AIRF ने इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की है कि बार-बार रेलवे बोर्ड के समक्ष मुद्दा उठाने तथा विभिन्न स्तरों पर शिकायतें एवं अनुरोध भेजे जाने के बावजूद अनेक वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसके कारण कर्मचारियों को अनावश्यक मानसिक तनाव, प्रशासनिक परेशानियों एवं अपने वैध सेवा लाभ प्राप्त करने में विलंब का सामना करना पड़ रहा है।

# # # पत्र में उठाए गए प्रमुख मुद्दे एवं मांगें

**1. HRMS Service Requests का लंबे समय से लंबित रहना**

कर्मचारियों के Promotion, Seniority, Pay Fixation, Transfer, Mutual Transfer, Leave Encashment तथा Service Records में सुधार से संबंधित बड़ी संख्या में अनुरोध लंबे समय से लंबित हैं। यहां तक कि मंडल एवं जोनल मुख्यालय द्वारा जांच के बाद CRIS/HRMS Helpdesk को भेजे गए मामलों का भी निर्धारित समय में निस्तारण नहीं हो रहा है।

**2. Mutual Transfer के मामलों में गंभीर समस्या**

AIRF ने विशेष रूप से Mutual Transfer के मामलों में हो रही परेशानी को उठाया है। कुछ मामलों में Mutual Transfer की प्रक्रिया अंतिम चरण तक पहुंचने के बाद भी HRMS पोर्टल पर अचानक वापस प्रारंभिक चरण में पहुंच जाती है।

इससे कर्मचारियों को पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ती है। Mutual Transfer के लिए आपसी सहमति, आवश्यक औपचारिकताएं एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां प्राप्त करने में काफी समय और प्रयास लगता है। ऐसे मामलों को बिना उचित कारण एवं सूचना के प्रारंभिक चरण में वापस करना कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण है।

**3. मालदा मंडल के प्रमोशन संबंधी मामले का उल्लेख**

AIRF ने अपने पत्र में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के Electrical Department का विशेष उदाहरण प्रस्तुत किया है। दिसंबर 2025 में प्रकाशित MCM (TL & AC) Promotion List में पाई गई विसंगतियों को दूर करने के लिए मंडल प्रशासन द्वारा कई बार Service Requests भेजे गए तथा उन्हें HRMS Helpdesk/CRIS को विधिवत अग्रसारित भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो पाया है।

इस प्रकार की देरी से कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों की शुद्धता, पदोन्नति एवं उनके वैध सेवा हित प्रभावित होते हैं।

**4. CRIS एवं HRMS Helpdesk की कार्यप्रणाली की समीक्षा**

AIRF ने मांग की है कि HRMS Helpdesk/CRIS की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा की जाए। Service Requests प्राप्त करने, उनकी जांच करने, निस्तारण करने तथा लंबित मामलों की निगरानी की वर्तमान व्यवस्था का मूल्यांकन हो और अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।

**5. लंबित मामलों के निपटारे हेतु विशेष अभियान**

रेलवे बोर्ड द्वारा CRIS को निर्देश दिया जाए कि भारतीय रेलवे के सभी जोनों एवं मंडलों में वर्षों से लंबित HRMS Service Requests के निस्तारण के लिए विशेष समयबद्ध अभियान चलाया जाए।

विशेष रूप से निम्नलिखित मामलों को प्राथमिकता दी जाए:

- Promotion एवं पदोन्नति संबंधी मामले।
- Seniority एवं सेवा अभिलेखों में सुधार।
- Pay Fixation एवं वेतन निर्धारण।
- Transfer एवं Mutual Transfer।
- Leave Encashment।
- अन्य सेवा संबंधी विसंगतियां एवं सुधार।

**6. प्रत्येक कार्य के लिए निश्चित समय-सीमा निर्धारित हो**

AIRF ने मांग की है कि HRMS में विभिन्न श्रेणियों के Service Requests के निस्तारण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए, ताकि कर्मचारियों को अपने कार्यों के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार न करना पड़े।

यदि कोई मामला निर्धारित समय में हल नहीं हो पाता है, तो संबंधित कर्मचारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों को देरी का स्पष्ट कारण तथा आगे की कार्रवाई की जानकारी दी जाए।

**7. मासिक मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग की व्यवस्था**

CRIS द्वारा प्रत्येक माह रेलवे बोर्ड एवं सभी जोनल रेलवे को HRMS Service Requests के निस्तारण की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने की व्यवस्था की जाए। इसमें प्राप्त, निस्तारित एवं लंबित मामलों की संख्या, लंबित रहने की अवधि तथा देरी के कारणों का विवरण शामिल हो।

**8. शिकायतों के लिए प्रभावी Escalation Mechanism**

लंबे समय से लंबित मामलों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए एक पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। निर्धारित समय-सीमा में समाधान नहीं होने पर मामला स्वतः उच्च स्तर पर भेजा जाए।

इसके साथ ही किसी Service Request को अस्वीकार करने, वापस करने अथवा बंद करने की स्थिति में उसका स्पष्ट एवं उचित कारण दर्ज करना अनिवार्य हो।

**9. HRMS की तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान**

AIRF ने CRIS को HRMS के विभिन्न मॉड्यूल में बार-बार उत्पन्न होने वाली तकनीकी एवं कार्यप्रणाली संबंधी खामियों की पहचान कर उनका स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कर्मचारियों को ऐसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।

# # # AIRF ने रेलवे बोर्ड से कीं सात प्रमुख मांगें

AIRF के महामंत्री कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जी ने रेलवे बोर्ड से विशेष रूप से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है:

1. भारतीय रेलवे के सभी लंबित HRMS Service Requests की विस्तृत एवं प्रमाणित रिपोर्ट प्राप्त की जाए।
2. CRIS/HRMS Helpdesk की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा कराई जाए।
3. लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष समयबद्ध अभियान चलाया जाए।
4. विभिन्न श्रेणियों के Service Requests के निस्तारण की निश्चित समय-सीमा निर्धारित की जाए।
5. पारदर्शी मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग एवं Escalation Mechanism लागू किया जाए।
6. अनावश्यक विलंब, लापरवाही एवं वास्तविक शिकायतों का समाधान नहीं करने के लिए जवाबदेही तय की जाए।
7. HRMS के तकनीकी एवं कार्यप्रणाली संबंधी दोषों को दूर करने के लिए CRIS को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

# # # रेल कर्मचारियों के हित में AIRF की महत्वपूर्ण पहल

**प्रिय रेल साथियों,**

AIRF का स्पष्ट मानना है कि HRMS जैसी डिजिटल व्यवस्था कर्मचारियों की सुविधा, पारदर्शिता एवं प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से लागू की गई है। लेकिन यदि इसी व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को अपने प्रमोशन, वेतन निर्धारण, स्थानांतरण, Mutual Transfer एवं अन्य सेवा संबंधी अधिकारों के लिए महीनों तक परेशान होना पड़े, तो यह व्यवस्था अपने मूल उद्देश्य से भटक जाती है।

विशेष रूप से यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब किसी कर्मचारी के मामले की जांच मंडल एवं जोनल मुख्यालय के सक्षम अधिकारियों द्वारा पूरी कर आवश्यक सुधार के लिए CRIS को भेज दिया जाता है, तब भी तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से उसका निस्तारण नहीं होता। ऐसी स्थिति में कर्मचारी को होने वाली परेशानी के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

AIRF ने स्पष्ट किया है कि HRMS/CRIS की तकनीकी खामियों, सिस्टम की कमियों अथवा प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा किसी भी रेल कर्मचारी को नहीं भुगतना चाहिए और न ही उसे उसके वैध सेवा लाभों से वंचित रखा जाना चाहिए।

**AIRF के महामंत्री कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जी द्वारा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO को लिखा गया यह विस्तृत पत्र देशभर के रेल कर्मचारियों की HRMS से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।**

AIRF निरंतर रेल कर्मचारियों के अधिकारों, सेवा संबंधी सुविधाओं एवं न्यायसंगत मांगों के लिए संघर्षरत है। आशा है कि रेलवे बोर्ड इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए CRIS एवं सभी जोनल रेलवे को आवश्यक निर्देश जारी करेगा, ताकि HRMS को वास्तव में पारदर्शी, जवाबदेह एवं कर्मचारी हितैषी बनाया जा सके।

रेल कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार एवं न्याय के लिए AIRF का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

---

**कॉमरेड अमित कुमार घोष जिंदाबाद!**

**कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा जिंदाबाद!**

**EASTERN RAILWAYMEN'S UNION (ERMU) जिंदाबाद!**

**ALL INDIA RAILWAYMEN'S FEDERATION (AIRF) जिंदाबाद!**

**रेल कर्मचारी एकता जिंदाबाद!**

 # भारतीय रेल में आउटसोर्सिंग एवं निजीकरण के खिलाफ विशाल महा-समावेश # # # एकजुट हों, संघर्ष करें – रेलवे को बचाएं!**प्रि...
02/11/2026

# भारतीय रेल में आउटसोर्सिंग एवं निजीकरण के खिलाफ विशाल महा-समावेश
# # # एकजुट हों, संघर्ष करें – रेलवे को बचाएं!

**प्रिय रेलकर्मी साथियों,**

रेलवे में लगातार बढ़ते आउटसोर्सिंग, निजीकरण, ठेकेदारी प्रथा तथा कर्मचारियों के अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ EASTERN RAILWAYMEN'S UNION (ERMU) द्वारा एक विशाल **महा-समावेश (MAHA SAMABESH)** का आयोजन किया जा रहा है।

इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय रेल को निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग की नीतियों से बचाना, नियमित कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना तथा रेलकर्मियों की लंबित मांगों को मजबूती से उठाना है।

इस महा-समावेश में मुख्य वक्ता के रूप में **श्री शिव गोपाल मिश्रा जी, महामंत्री, AIRF** तथा उद्घाटनकर्ता के रूप में **श्री अमित कुमार घोष जी, महामंत्री, ERMU** उपस्थित रहेंगे।

**कार्यक्रम का विवरण:**

- **दिनांक:** 06 नवम्बर 2026 (शुक्रवार)
- **समय:** दोपहर 2:30 बजे
- **स्थान:** फेयरली प्लेस (महाप्रबंधक कार्यालय), कोलकाता।

# # # हमारी प्रमुख मांगें

1. बोनस (PLB) का भुगतान मूल वेतन (Basic Pay) के आधार पर किया जाए।
2. लंबित 18 महीने के महंगाई भत्ता/महंगाई राहत (DA/DR) का भुगतान किया जाए।
3. रेलवे में पुनर्नियोजन (Re-engagement) की व्यवस्था बंद की जाए।
4. रेलवे के सभी रिक्त पदों को अविलंब भरा जाए।
5. नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) को वापस लिया जाए।
6. UPS के अंतर्गत OPS के सभी लाभ सुनिश्चित किए जाएं।
7. LDCE सभी पात्र कर्मचारियों के लिए खोली जाए।
8. GDCE की प्रक्रिया अविलंब आयोजित की जाए।
9. प्रशासनिक मनमानी एवं कर्मचारियों के प्रति तानाशाहीपूर्ण रवैया बंद किया जाए।

# # # हमारा संकल्प

**आउटसोर्सिंग बंद करो!
निजीकरण बंद करो!
रेलवे बचाओ, रोजगार बचाओ!
कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करो!**

साथियों, यह केवल एक सभा नहीं, बल्कि भारतीय रेल और रेलकर्मियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए एक सामूहिक संघर्ष का आह्वान है।

अतः EASTERN RAILWAYMEN'S UNION (ERMU) के सभी पदाधिकारियों, शाखा पार्षदों, डेलीगेट्स एवं समस्त रेलकर्मी साथियों से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में इस महा-समावेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर एकता और संघर्ष की ताकत का परिचय दें।

**एकता ही हमारी शक्ति है, संघर्ष ही हमारा रास्ता है!**

**आयोजक:**
EASTERN RAILWAYMEN'S UNION (ERMU)

**श्री चित्तरंजन सरकार** – अध्यक्ष, ERMU
**श्री अमित कुमार घोष** – महामंत्री, ERMU

📢 **रेलवे कर्मचारियों की HRMS संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में ERMU की महत्वपूर्ण पहल****HRMS की खामियों, लंबित सेव...
01/11/2026

📢 **रेलवे कर्मचारियों की HRMS संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में ERMU की महत्वपूर्ण पहल**

**HRMS की खामियों, लंबित सेवा अनुरोधों एवं कर्मचारियों को हो रही अनावश्यक परेशानियों का मामला अब AIRF के माध्यम से रेलवे बोर्ड के समक्ष उठाने की पहल।**

भारतीय रेल में HRMS (Human Resource Management System) लागू करने का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सेवा संबंधी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी, सुविधाजनक एवं समयबद्ध बनाना था। लेकिन वर्तमान में HRMS के माध्यम से प्राप्त होने वाले अनेक सेवा अनुरोधों (Service Requests) का लंबे समय तक निस्तारण नहीं होने के कारण पूरे भारतीय रेल के कर्मचारियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए **ईस्टर्न रेलवेमेंस यूनियन (ERMU) के महामंत्री कॉमरेड अमित कुमार घोष** ने दिनांक **01 नवंबर 2026** को ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के महामंत्री को एक विस्तृत पत्र लिखकर इस मुद्दे को रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रमुखता से उठाने तथा इसके स्थायी समाधान हेतु आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया है।

**पत्र में कर्मचारियों की निम्नलिखित प्रमुख समस्याओं को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है:**

1. **HRMS सेवा अनुरोधों का लंबे समय तक लंबित रहना:** कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों में सुधार, पदोन्नति, वरिष्ठता, वेतन निर्धारण, स्थानांतरण, अवकाश नकदीकरण एवं अन्य सेवा संबंधी मामलों के अनुरोध लंबे समय से लंबित हैं। बार-बार अनुस्मारक एवं प्रतिवेदन देने के बावजूद अनेक मामलों का समाधान नहीं हो रहा है।

2. **पारस्परिक स्थानांतरण (Mutual Transfer) में गंभीर समस्या:** कई मामलों में कर्मचारी काफी कठिनाइयों के बाद आपसी सहमति प्राप्त कर स्थानांतरण की प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुँचाते हैं, लेकिन अचानक HRMS में उनकी प्रक्रिया की स्थिति पुनः प्रारंभिक चरण में वापस कर दी जाती है। इससे कर्मचारियों का समय एवं प्रयास व्यर्थ होता है तथा उन्हें मानसिक तनाव और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

3. **पदोन्नति एवं सेवा संबंधी विसंगतियों का सुधार नहीं होना:** मालदा मंडल में विद्युत विभाग की MCM (TL एवं AC) पदोन्नति सूची, जो दिसंबर 2025 में प्रकाशित हुई थी, उसमें पाई गई विसंगतियों को बार-बार HRMS के माध्यम से उठाने तथा मंडल प्रशासन द्वारा CRIS/HRMS हेल्पडेस्क को अग्रसारित करने के बावजूद अब तक ठीक नहीं किया गया है।

4. **समस्या केवल एक मंडल या जोन तक सीमित नहीं:** पत्र में स्पष्ट किया गया है कि HRMS से संबंधित ये कठिनाइयाँ केवल मालदा मंडल अथवा पूर्व रेलवे की नहीं हैं, बल्कि भारतीय रेल के विभिन्न जोन एवं मंडलों के कर्मचारियों को भी इसी प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए यह पूरे भारतीय रेल के कर्मचारियों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

**रेलवे बोर्ड से प्रमुख मांगें एवं अपेक्षित कार्रवाई:**

कॉमरेड अमित कुमार घोष ने AIRF से आग्रह किया है कि इस विषय को रेलवे बोर्ड के समक्ष एजेंडा के रूप में उठाकर CRIS से निम्नलिखित जानकारियाँ प्राप्त करने की मांग की जाए:

- भारतीय रेल में कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत कुल HRMS सेवा अनुरोधों की संख्या।
- अब तक निस्तारित किए गए सेवा अनुरोधों की कुल संख्या।
- वर्तमान में लंबित अनुरोधों का रेलवेवार, जोनवार एवं मंडलवार विवरण।
- लंबित अनुरोधों का श्रेणीवार एवं समयावधिवार विवरण तथा उनके निस्तारण में विलंब के कारण।
- HRMS हेल्पडेस्क/CRIS की कार्यप्रणाली एवं सेवा अनुरोधों के निस्तारण में लगने वाले समय का विवरण।

इसके अतिरिक्त, पत्र में यह भी मांग की गई है कि रेलवे बोर्ड द्वारा CRIS को निर्देशित कर सभी पुराने एवं लंबित सेवा अनुरोधों के निस्तारण के लिए एक **विशेष समयबद्ध अभियान (Special Time-Bound Drive)** चलाया जाए।

साथ ही, अनावश्यक विलंब के लिए जवाबदेही निर्धारित की जाए तथा ऐसी प्रभावी निगरानी, एस्केलेशन एवं शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाए, जिससे भविष्य में कर्मचारियों के सेवा संबंधी अनुरोध लंबे समय तक लंबित न रहें।

# # # ERMU का स्पष्ट संदेश

डिजिटल व्यवस्था कर्मचारियों की सुविधा, पारदर्शिता एवं त्वरित सेवा प्रदान करने के लिए बनाई गई है। यदि उसी व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को अपने वैध सेवा लाभ प्राप्त करने में महीनों तक परेशान होना पड़े, तो यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है।

किसी भी कर्मचारी को HRMS की तकनीकी खामियों, CRIS की कार्यप्रणाली अथवा प्रशासनिक लापरवाही के कारण पदोन्नति, स्थानांतरण, वरिष्ठता, वेतन निर्धारण एवं अन्य वैध सेवा लाभों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

**ERMU के महामंत्री कॉमरेड अमित कुमार घोष द्वारा AIRF को लिखा गया यह पत्र भारतीय रेल के सभी कर्मचारियों की सामूहिक समस्या को उचित मंच पर उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।**

ERMU आशा करता है कि AIRF इस विषय को रेलवे बोर्ड के समक्ष मजबूती से उठाएगा तथा कर्मचारियों को HRMS संबंधी समस्याओं से स्थायी राहत दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

✊ **कर्मचारियों की परेशानी हमारी परेशानी है। कर्मचारियों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।**

**EASTERN RAILWAYMEN'S UNION (ERMU)**

**Weapon – UNITY | Means – STRUGGLE | Our Aim – SOCIALISM**

**एकता हमारा हथियार – संघर्ष हमारा साधन – समाजवाद हमारा लक्ष्य।**

  commission   cpc
01/11/2026

commission
cpc

Address

Eastern Railwaymen’s Union Bhagalpur Railway Station Campus
Bhagalpur
812002

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Eastern Railwaymen’s Union Bhagalpur posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Eastern Railwaymen’s Union Bhagalpur:

Shortcuts

Share

Nearby furniture stores