Bhagya Darshan astrologer rajesh nayak

Call Directions Website Contact the business

Bhagya Darshan astrologer rajesh nayak Astrologer & Vastu ..Consultant :- Rajesh Nayak
mobile no..+919835434568 / +918809738768

Astrologer & Vastu ..Consultant :- Rajesh Nayak
mobile no..+919835434568 / +918809738768
E Mail..[email protected]

केमद्रुम- योग🎉ज्योतिषीय ग्रंथों में ग्रहों की विभिन्न स्थितियों से बनने वाले अनेको योगों का वर्णन मिलता है जिनमे से कुछ ...
21/09/2026

केमद्रुम- योग🎉

ज्योतिषीय ग्रंथों में ग्रहों की विभिन्न स्थितियों से बनने वाले अनेको योगों का वर्णन मिलता है जिनमे से कुछ शुभ फलकारी तो कुछ दुष्परिणाम देने वाले होते हैं "केमद्रुम- योग" एक बहुत चर्चित योग है

जिसका वर्णन सभी ज्योतिषीय ग्रंथों में किया गया है किसी कुंडली में केमद्रुमक- योग के बनने को ज्योतिषीय दृष्टि से अच्छा नहीं माना गया है इस योग को समस्या, संघर्ष और विपरीत परिणाम देने वाला योग माना गया है इस लिए इसे "केमद्रुम-दोष" भी कहा जाता है।

कैसे बनता है केमद्रुम योग -

केमद्रुम योग वास्तव में चन्द्रमाँ की एक विशेष स्थिति से बनने वाला योग है जब किसी कुंडली में चन्द्रमाँ के आगे और पीछे वाले भाव में कोई भी ग्रह ना हो अर्थात चन्द्रमाँ से दूसरा और बरहवा भाव खाली हो तो इसे "केमद्रुम- योग" कहते हैं, (केमद्रुम- योग की गणना में छाया ग्रह राहु-केतु का आंकलन नहीं किया जाता)

केमद्रुम- योग का प्रभाव -

व्यक्ति की कुंडली में केमद्रुम योग हो उसके जीवन में संघर्ष की अधिकता होती है बाधायें बहुत आती हैं जीवन का पूर्ण विकास नहीं हो पाता, सम्पन्न परिवार में जन्म होने पर भी जीवन आभाव में रहता है एक सीमा रेखा के पार व्यक्ति नहीं जा पाता,

इसके आलावा केमद्रुम- योग का प्रभाव हमारे मन और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है चन्द्रमाँ को मन का कारक माना गया है अतः जिस व्यक्तिकी कुंडली में केमद्रुम- योग होता है उसका मन सदैव चलायमान और व्यथित रहता है, नकारात्मक सोच बहुत रहती है

ऐसा व्यक्ति इमोशनली बहुत सेंसिटिव होता है, एंग्जायटी की समस्या होती है और किसी भी बात को लेकर जल्दी ही परेशान हो जाता है ऐसा व्यक्ति बार बार सुअवसरों से चूंक जाता है और व्यथित मन के कारण लक्षय प्राप्त नहीं कर पाता।

विशेष -

केमद्रुम- योग का परिणाम सभी व्यक्तियों को एक ही जैसा मिले ऐसा बिलकुल आवश्यक नहीं है कुंडली में चन्द्रमाँ की अलग-अलग स्थितियों और अन्य ग्रहों के चन्द्रमाँ पर पड़ने वाले प्रभाव से केमद्रुम- योग का परिणाम भिन्न भिन्न हो सकता है -

1. यदि केमद्रुम- योग पाप भाव (6,8,12) में बने तो अधिक बुरे परिणाम देता है।

2. यदि केमद्रुमक- योग में कोई पाप ग्रह चन्द्रमाँ के साथ बैठ जाये तो अधिक दुष्परिणाम होते हैं।

3. केमद्रुम - योग में यदि चन्द्रमाँ अपनी नीच राशि (वृश्चिक) में हो तो दुष्परिणाम बढ़ जाते हैं।

4. केमद्रुम- योग शुभ भाव (केंद्र-त्रिकोण) में हो तो बुरे प्रभाव में कुछ कमी आजाती है।

5. केमद्रुम- योग में चन्द्रमाँ यदि छटे या आठवें भाव में हो तो ऐसे में स्वास्थ समस्याएं बहुत आती हैं।

6. केमद्रुम- योग में चन्द्रमाँ यदि बारहवे भाव में हो तो ऐसा व्यक्ति आर्थिक आभाव और आर्थिक अस्थिरता से परेशान रहता है।

केमद्रुम- योग के परिहार -

वास्तव में परिहार का मतलब किसी दोष का समाप्त हो जाना नहीं बल्कि उसके दुष्परिणाम के कम हो जाने से या सहन करने लायक बन जाने से है। ज्योतिषीय ग्रंथों में केमद्रुम योग के कई परिहार बताये गये हैं जिनके कुंडली में होने से केमद्रुम- योग का दुष्परिणाम कम हो जाता है-

फल दीपिका के अनुसार यदि चन्द्रमाँ के साथ कोई शुभ ग्रह हो तो केमद्रुम- योग का परिहार होता है, चन्द्रमाँ से केंद्र में कोई ग्रह हो या लग्न से केंद्र में कोई ग्रह हो तो भी केमद्रुम- योग का परिहार हो जाता है।

इसके आलावा चन्द्रमाँ अपनी उच्च राशि(वृष) या स्व राशि(कर्क) में हो तो भी केमद्रुम- योग का परिहार होता है, चन्द्रमाँ यदि पूर्णिमा का हो तो भी केमद्रुम- योग का प्रभाव क्षीण पड़ जाता है

इन सब के अतिरिक्त केमद्रुमक- योग के परिहार की सबसे अच्छी स्थिति ये है के यदि बृहस्पति चन्द्रमाँ के साथ बैठ जाये या चन्द्रमाँ पर बृहस्पति की कोई भी (पहली,पांचवी,नौवीं) दृष्टि पड़ रही हो तो केमद्रुम- योग का दुष्परिणाम नहीं होता।

केमद्रुम- योग के लिए उपाय -

1. ॐ सोम सोमाय नमः का रोज एक मल (१०८ बार) जाप करें।

2. प्रतिदिन शिवलिंग का जलाभिषेक करें।

3. सफ़ेद चन्दन का तिलक लगायें।

4. चांदी की ठोस गोली गले में धारण करें।

5. सोमवार को गाय को खीर खिलाएं।

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 8809738768

https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream

https://www.facebook.com/BhagayDarshan/subscribenow

Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology, Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

वास्तु में बाथरूम से जुड़े कुछ उपाय, जिनसे नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है🎉 घर में सुख-समृद्धि और शांति बनाए रखने के लिए ...
21/09/2026

वास्तु में बाथरूम से जुड़े कुछ उपाय, जिनसे नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है🎉


घर में सुख-समृद्धि और शांति बनाए रखने के लिए वास्तु के नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी माना गया है। वास्तु के अनुसार बताए गए उपाय करने पर वातावरण सकारात्मक बनता है और मानिसक शांति प्राप्त होती है।

मधुबनी शहर के प्रसिद्ध ज्योतिष व अंक नक्षत्र वेता श्री राजेश नायक कहते है यदि घर में वास्तु दोष होते हैं तो दरिद्रता और मानसिक परेशानियों के साथ ही वैवाहिक जीवन में भी दुखों का सामना करना पड़ सकता है।

इन परेशानियों से बचने के लिए घर के सभी हिस्सों के लिए वास्तु में कई उपाय बताए गए हैं।

श्री नायक कहते है बाथरूम से जुड़े कुछ उपाय, जिनसे नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है...,

1. यदि आप अपने बाथरूम में एक कटोरी में खड़ा यानी साबूत नमक रखेंगे तो आपके घर के कई वास्तु दोष दूर हो जाएंगे। कटोरी में रखा नमक महीने में एक बार बदल लेना चाहिए। खड़ा नमक आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण कर लेता है और वातावरण को सकारात्मक बनाता है।

2. घर में बाथरूम का नल या किसी अन्य स्थान का नल लगातार टपकते रहता है तो यह बात छोटी नहीं है, वास्तु में इसे गंभीर दोष माना गया है। अत: नल से पानी टपकना बंद करवाना चाहिए।

3. यदि आपके बाथरूम में दर्पण लगा हुआ है तो इस बात का ध्यान रखें कि दर्पण दरवाजे के ठीक सामने न हो। जब-जब बाथरूम का दरवाजा खुलता है, तब-तब घर की नकारात्मक ऊर्जा बाथरूम में प्रवेश करती है। ऐसे समय पर यदि दरवाजे के ठीक सामने दर्पण होगा तो उस दर्पण से टकराकर नकारात्मक ऊर्जा पुन: घर में आ जाएगी।

4. 2-3 दिन में कम से कम एक बार पूरा बाथरूम अच्छी तरह साफ करना चाहिए। बाथरूम यदि एकदम साफ रहेगा तो इसका शुभ असर आपकी आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा। साफ-सफाई वाले घरों में देवी-देवताओं की विशेष कृपा रहती है।

5. इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि बाथरूम और कमरे के फर्श के बीच में कुछ दूरी अवश्य हो। बाथरूम और कमरे के फर्श के बीच दूरी बनाने के लिए थोड़ी ऊंची दहलीज बनाई जा सकती है। जब बाथरूम का दरवाजा बंद रहेगा तब दहलीज के कारण दरवाजे के नीचे से भी नकारात्मक ऊर्जा कमरे में प्रवेश नहीं कर पाएगी।

6. बाथरूम में पानी का बहाव उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए। यदि संभव हो तो बाथरूम घर के दक्षिण दिशा में बनवाना चाहिए। अगर ये संभव न हो तो वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम दिशा) में भी बाथरूम बनवाया जा सकता है।

7. गीजर आदि विद्युत उपकरण अग्नि से संबंधित हैं, अत: इन्हें बाथरूम के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में लगाएं। बाथरूम में एक बड़ी खिड़की व एक्जॉस्ट फैन के लिए अलग से रोशनदान होना चाहिए। बाथरूम में गहरे रंग की टाइल्स न लगाएं। हमेशा हल्के रंग की टाइल्स का उपयोग करें।

8. यदि बाथरूम का दरवाजा बेडरूम में खुलता हो तो उसे खुला रखने से बचना चाहिए। वैसे तो बेडरूम में बाथरूम नहीं होना चाहिए, लेकिन बेडरूम में बाथरूम है तो उसके दरवाजे पर पर्दा भी लगाना चाहिए। बेडरूम और बाथरूम की ऊर्जाओं का परस्पर आदान-प्रदान वास्तु में अच्छा नहीं होता।

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 8809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream

https://www.facebook.com/BhagayDarshan/subscribenow

Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology,
Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

पुत्र की लंबी आयु व स्वास्थ्य के लिए करें जीवित्पुत्रिका व्रत....? आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पुत्र की ल...
20/09/2026

पुत्र की लंबी आयु व स्वास्थ्य के लिए करें जीवित्पुत्रिका व्रत....?

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पुत्र की लंबी आयु व उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए जीवित्पुत्रिका व्रत किया जाता है। इसे जिऊतिया व जीमूतवाहन व्रत भी कहा जाता है।

मधुबनी शहर के प्रसिद्ध ज्योतिषी व अंक नक्षत्र वेता श्री राजेश नायक कहते हैं इस व्रत की विधि इस प्रकार है-

पवित्र होकर संकल्प के साथ व्रती प्रदोषकाल (शाम को) में गाय के गोबर से अपने आंगन को लीपे और वहीं एक छोटा सा तालाब भी बना लें। तालाब के निकट पाकड़ (एक प्रकार का पेड़) की डाल लाकर खड़ी कर दें।

शालिवाहन राजा के पुत्र जीमूतवाहन की कुशनिर्मित मूर्ति जल (या मिट्टी) के बर्तन में स्थापित कर पीली और लाल रुई से उसे सजाएं तथा धूप, दीप, चावल, फूल, माला एवं विविध प्रकार के नैवेद्यों से पूजन करें।

श्री नायक कहते हैं मिट्टी तथा गाय के गोबर से चिल्ली या चिल्होडिऩ (मादा चील) व सियारिन की मूर्ति बनाकर उनके मस्तकों को लाल सिंदूर से सजा दें। अपने वंश की वृद्धि और प्रगति के लिए बांस के पत्तों से पूजन करना चाहिए। इसके बाद व्रत की कथा सुनें।

अपने पुत्र-पौत्रों की लंबी आयु एवं सुंदर स्वास्थ्य की कामना से महिलाओं को विशेषकर विवाहित महिलाओं को यह व्रत अवश्य करना चाहिए।

जीवित्पुत्रिका व्रत से जुड़ी कथाएं भी प्रचलित हैं, जो इस प्रकार हैं :-

गंधर्वों के राजकुमार का नाम जीमूतवाहन था। वह बहुत दयालु एवं धर्मनिष्ठ था। परंतु उसका मन राज-पाट में नहीं लगता था। अत: राज्य का भार अपने भाइयों पर छोड़कर वह स्वयं वन में पिता की सेवा करने चला गया। एक दिन वन में जीमूतवाहन को एक वृद्धा विलाप करते हुए दिखाई दी।

उन्होंने वृद्धा से उसके रोने का कारण पूछा तो वृद्धा ने बताया कि मैं नागवंश की स्त्री हूं तथा मेरा एक ही पुत्र है परंतु नागों ने पक्षीराज गरूड़ के समक्ष प्रतिदिन भक्षण हेतु एक नाग सौंपने की प्रतिज्ञा ले रखी है। इस कारण वह रोज किसी न किसी नाग को उन्हें सौंप देते हैं और आज मेरे पुत्र शंखचूड़ की बलि का दिन है।

उस स्त्री की व्यथा सुनकर जीमूतवाहन ने कहा कि मैं आपके पुत्र के प्राणों की रक्षा अवश्य करूंगा। वचन देकर जीमूतवाहन स्वयं गरुड़ को बलि देने के लिए चुनी गई वध्य-शिला पर लेट जाते हैं।

नाग के स्थान पर जीमूतवाहन को देखकर गरुड़ आश्चर्य में पड़ जाते हैं और जीमूतवाहन से उनका परिचय पूछते हैं। इस पर जीमूतवाहन उन्हें सारा किस्सा कह सुनाते हैं। जीमूतवाहन की बहादुरी और परोपकार की भावना से प्रभावित हो प्रसन्न होकर गरूड़ जी उन्हें तथा नागों को जीवन-दान देते हैं।

- इस प्रकार जीमूतवाहन के साहस से नाग-जाति की रक्षा होती है।

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 09835434568......08809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream
https://www.facebook.com/BhagayDarshan/subscribenow

Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology,
Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

कौन हैं जीमूतवाहन भगवान, क्यों होती है इनकी पूजा ..... ?पूर्वंचल के कई भागों में एक खास व्रत मनाया जाता है। इस व्रत का न...
19/09/2026

कौन हैं जीमूतवाहन भगवान, क्यों होती है इनकी पूजा ..... ?

पूर्वंचल के कई भागों में एक खास व्रत मनाया जाता है। इस व्रत का नाम है जीवितपुत्रिका व्रत। अपने नाम के अनुसार यह व्रत संतान की लंबी आयु और उनके ऊपर आने वाली विपदा को दूर करने वाला है।

मधुबनी शहर के प्रसिद्ध ज्योतिष राजेश नायक कहां पर हैं कि माताएं इस दिन निराहार और निर्जल रहकर दिन और रात का व्रत रखती है।

इस पीछे कारण यह है भविष्य पुराण में उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा है कि जो माताएं अपनी संतान की सलामती के लिए जीवितपुत्रिका व्रत रखती हैं उनकी संतान के जीवन पर आने वाले विपदा दूर हो जाती है और संतान का वियोग नहीं सहना पड़ता है।

भगवान शिव ने बताया है कि इस दिन के देवता जीमूतवाहन हैं। भगवान जीमूतवाहन कौन हैं और यह कैसे देवता बने इसके विषय में एक रोचक कथा है।

एक बार जीमूतवाहन गंधमादन पर्वत पर भ्रमण कर रहे थे उसी समय उनके कानों में एक वृद्ध स्त्री के रोने की आवाज आई। जीमूतवान ने महिला के पास जाकर रोने का कारण पूछा तो उसने कहा कि मैं शंखचूड़ नाग की माता हूं।

आज भगवान विष्णु का वाहन गरूड़ शंखचूड़ को उठा कर ले जाएगा औ खा जाएगा। इसलिए दु:खी होकर रो रही हूं।

जिमूतवाहन ने कहा कि मैं आज आपके पुत्र के बदले गरूड़ का आहार बनूंगा और आपके पुत्र की रक्षा करूंगा। गरूड़ जब शंखचूड़ को लेने आया तो जिमूतवाहन शंखचूड़ बनकर बैठ गया।

गरूड़ जीमूतवाहन को लेकर उड़ चला। लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उसे एहसास हुआ कि वह शंखचूड़ की जगह एक मानव को उठा लाया है।

गरूड़ ने पूछा कि हे मानव तुम कौन हो और मेरा भोजन बनने क्यों चले आए। इस पर जिमूतवाहन ने कहा कि वह राजा जिमूतवाहन है। शंखचूड़ की माता को पु़त्र वियोग से बचाने के लिए मैं आपका आहार बनने चला आया। गरूड़ राजा के दया औरर परोपकार की भावना से प्रसन्न हो गए।

जिमूतवान को वरदान दिया कि तुम सौ वर्ष तक पृथ्वी का राज भोगकर बैकुंठ जाओगे।

जिमूतवाहन के कारण शंखचूड़ की माता को पुत्र वियोग का दर्द नहीं सहना पड़ा। जिस दिन यह घटना हुई थी उस दिन आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि थी। इसलिए इस दिन से जीमूतवाहन और जीवितपुत्रिका व्रत करने का विधान शुरू हो गया।

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 09835434568......08809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream
https://www.facebook.com/BhagayDarshan/subscribenow

Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology,
Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

स्वस्तिक बनाने से दूर हो सकती है तंगी, कम होता है वास्तुदोष …  ?स्वस्तिक शब्द को सु औरं अस्ति दोनों से मिलकर बना है। सु ...
18/09/2026

स्वस्तिक बनाने से दूर हो सकती है तंगी, कम होता है वास्तुदोष … ?

स्वस्तिक शब्द को सु औरं अस्ति दोनों से मिलकर बना है। सु का अर्थ है शुभ और अस्तिका अर्थ है- होना यानी जिस से शुभ हो कल्याण हो वही स्वस्तिक है।

हिन्दू धर्म परंपराओं में हर मांगलिक, धार्मिक कर्म, पूजा, उपासना या कार्य की शुरुआत स्वस्तिक का चिन्ह बनाकर की जाती है।

मधुबनी शहर के प्रसिद्ध ज्योतिष व अंक नक्षत्र वेता श्री राजेश नायक कहते हैं स्वस्तिक देवशक्तियों, शुभ व मंगल भावों का प्रतीक माना जाता है। कहा गया है....

स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा: स्वस्ति न: पूषा विश्ववेदा:।
स्वस्तिनस्ता रक्षो अरिष्टनेमि: स्वस्ति नो बृहस्पर्तिदधातु।।

माना जाता है कि इस मंत्र में चार बार आए स्वस्ति शब्द के रूप में चार बार कल्याण और शुभ की कामना से श्रीगणेश के साथ इन्द्र, गरूड़, पूषा और बृहस्पति का ध्यान और आवाहन किया गया है।

इस मंगल-प्रतीक का गणेश की उपासना, धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी लक्ष्मी के साथ, बही-खाते की पूजा की परंपरा आदि में विशेष स्थान है।

चारों दिशाओं के अधिपति देवताओं, अग्नि, इन्द्र, वरुण और सोम की पूजा हेतु एवं सप्तऋषियों के आशीर्वाद को पाने के लिए स्वस्तिक बनाया जाता है। यह चारों दिशाओं और जीवन चक्र का भी प्रतीक है।

श्री नायक कहते हैं घर के वास्तु को ठीक करने के लिए स्वस्तिक का प्रयोग किया जाता है। स्वस्तिक के चिह्न को भाग्यवर्धक वस्तुओं में गिना जाता है।

इसे बनाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है। घर में किसी भी तरह का वास्तुदोष होने पर घर के मुख्यद्वार के बाहरी हिस्से को धोएं और गोमूत्र का छिड़काव कर। दरवाजे के दोनों और नियम से हल्दी-कुमकुम का स्वस्तिक बनाएं।

कई तरह के वास्तुदोष अपने आप खत्म हो जाएंगे। इस उपाय को करने से पैसों की तंगी भी दूर हो सकती है।

शास्त्रों के मुताबिक स्वस्तिक परब्रह्म, विघ्रहर्ता व मंगलमूर्ति भगवान श्रीगणेश का भी साकार रूप है।

स्वस्तिक का बायां हिस्सा गं बीजमंत्र होता है, जो भगवान श्रीगणेश का स्थान माना जाता है। इसमें जो चार बिंदियां होती है, उनमें गौरी, पृथ्वी, कूर्म यानी कछुआ और अनन्त देवताओं का वास माना जाता है।

इसी तरह वेद भी स्वस्तिक श्रीगणेश का स्वरूप होने की बात कहते हैं। स्वस्तिक बनाने के धर्म दर्शन में व्यावहारिक नजरिए से संकेत यही है कि जहां माहौल और संबंधों में प्रेम, प्रसन्नता, श्री, उत्साह, उल्लास, सौंदर्य व विश्वास होता है,

वहां शुभ, मंगल और कल्याण होता है यानी श्री गणेश का वास होता है। उनकी कृपा से अपार सुख और सौभाग्य प्राप्त होता है।

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 09835434568......08809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream
Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology,
Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

गाड़ी का कौन सा रंग है आपके लिए लकी ....  ?ज्योतिष  में यकीन रखने वालों का मानना है कि यदि गाड़ी का रंग आपके लिए शुभ हो ...
18/09/2026

गाड़ी का कौन सा रंग है आपके लिए लकी .... ?

ज्योतिष में यकीन रखने वालों का मानना है कि यदि गाड़ी का रंग आपके लिए शुभ हो तो भविष्य में होने वाली दुर्घटनाएं टल जाती हैं। आइए जानें, अपनी जन्म की तारीख से कौन से बर्थडे (मूलांक) वालों के लिए कौन से रंग की गाड़ी है शुभ...,

मधुबनी शहर के प्रसिद्ध ज्योतिषी व अंक नक्षत्र वेता श्री राजेश नायक कहते हैं मूलांक जानने की विधि: - आप अपना मूलांक अपनी जन्म की तारीख से ज्ञात कर सकते हैं। इसके लिए आप अपने जन्म की तारीख के सभी अंकों को आपस में जोड़ दें।

जैसे- यदि आपकी जन्म की तारीख 22 फरवरी है, तो यहां फरवरी से कोई लेना-देना नहीं है। आप सिर्फ तारीख 22 के अंकों को आपस में जोड़ दें, तो आपका मूलांक 4 ( 2+2=4 ) होगा।

यदि आपका मूलांक यानी जन्मदिन - 01, 10, 19, 28 में से कोई हो तो आप पीली, गोल्डन या फिर किसी हल्के रंग की गाड़ी खरीदें, इन्हें लेनी चाहिए गहरे रंग की गाड़ी काली, नीली, ब्राउन आदि रंगों की गाड़ी लेना आपके लिए उचित नहीं है।

जिनका मूलांक 2 है यानी जिसका बर्थडे - 2, 11, 20, 29 में से कोई हो सफेद या हल्के रंग की गाड़ी ही खरीदनी चाहिए।

जिनका मूलांक 3 हो यानी जिनका बर्थ नंबर - 3, 21, 30 आदि में से कुछ हो तो आप पीले, बैंगनी या आसमानी रंग की गाड़ी खरीदनी चाहिए। आप ग्रीन या ब्राउन कलर की गाड़ी न खरीदें।

जिनका बर्थ नंबर 4 हो या फिर 13, 22, 31 में से कुछ हो - तो उन्हें नीले या भूरे रंग की गाड़ी खरीदनी चाहिए। आपका दिन काले रंग की गाड़ी पर आया हो तो यहां से मुंह फेर लें।

यदि आपका बर्थ नंबर 5 है या फिर 14, 23 में से कुछ हो - तो आप लाइट ग्रीन, वाइट या ब्राउन कलर की गाड़ी खरीदें। पीले या काले रंग की गाड़ी को भूल जाएं।

जिनका बर्थडे 6 तारीख को या फिर 15, 24 में से कुछ हो - तो उन्हें आसमानी या पीले रंग की गाड़ी खरीदनी चाहिए। काले रंग की गाड़ी आपके लिए सही नहीं रहेगी।

जिनका बर्थ नंबर 7 या फिर 16, 25 आदि में से कुछ भी हो तो - उन्हें
गोल्डन या सफेद रंग की गाड़ी खरीदनी चाहिए। नीले या काले रंग की गाड़ी आप न ही खरीदें तो अच्छा रहेगा।

मूलांक 8 वाले यानी जिनका बर्थ डे 8, 17, 26 में से कोई भी हो - उन्हें नीली, काली या फिर बैंगनी रंग की गाड़ी खरीदनी चाहिए। आपको गोल्डन, वाइट और लाल रंग की गाड़ियां पसंद हैं तो भूल जाइए।

श्री राजेश नायक कहते हैं जिनका मूलांक 9 हो या फिर जिनका बर्थ नंबर 9, 18, 27 में से कुछ भी हो - उनके लिए लाल रंग की गाड़ी शुभ है। इन्हें नीले, काले, बैंगनी रंग की गाड़ियां नहीं खरीदनी चाहिए।

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 09835434568......08809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream
Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology,
Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

इस बार ऐसे करें श्रीगणेश का विसर्जन ...?इस वर्ष गणेश उत्सव में देश के कई प्रांतों में भगवान श्रीगणेश की मिट्टी से निर्मि...
17/09/2026

इस बार ऐसे करें श्रीगणेश का विसर्जन ...?

इस वर्ष गणेश उत्सव में देश के कई प्रांतों में भगवान श्रीगणेश की मिट्टी से निर्मित मूर्ति की स्थापना की गई। जिन भक्तों ने मिट्टी से बनी प्रतिमाएं स्थापित की, उन्हें साधुवाद। अब बारी विसर्जन की है।

मधुबनी के प्रसिद्ध ज्योतिषी व अंक नक्षत्र वेता श्री राजेश नायक कहते हैं परंपरागत रूप से समारोहपूर्वक प्रतिमाओं का विसर्जन होता है।

शास्त्रोक्त मान्यता है कि जो प्रतिमा स्थापित की जाए, उसका विसर्जन होना चाहिए। जरूरी नहीं कि यह विसर्जन नदी या जलाशय में ही हो। हां, विसर्जन जल में ही होना चाहिए।

उत्तम उपाय यह है कि पूजा-अर्चना के उपरांत अपने घर में ही साफ पात्र और शुद्ध जल में प्रतिमा का विसर्जन हो।

श्री राजेश नायक कहते हैं इसके उपरांत जिस पात्र में मिट्टी से निर्मित प्रतिमा को विसर्जित किया गया है, उसकी मिट्टी मिश्रित जल को पवित्र वृक्षों की जड़ों में अर्पित कर दें।

यह सच्चा विसर्जन होगा। इससे जल तत्व की पवित्रता की रक्षा भी हो सकेगी और हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी पूरी कर सकेंगे।

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 09835434568......08809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream
https://www.facebook.com/BhagayDarshan/subscribenow

Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology,
Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षरों में समाई इन 33 देवशक्तियों से बाल भी नहीं होता बांका....?मंत्र का शाब्दिक मतलब होता है ...
16/09/2026

महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षरों में समाई इन 33 देवशक्तियों से बाल भी नहीं होता बांका....?

मंत्र का शाब्दिक मतलब होता है मनन करना। मगर फल की दृष्टि से मंत्र का मतलब होता है मन की पीड़ा का त्राण यानी अंत करने वाला। मंत्र शक्ति से जब दु:खों से छुटकारे के धार्मिक उपाय पर विचार किया जाता है, तब एक ही मंत्र सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

वह है - महामृत्युंजय मंत्र।

धर्म परंपराओं में यह शिव के महामृत्युंजय रूप की आराधना से रोग, काल भय और दु:खों के शमन का मंत्र है। किंतु शास्त्रों में इस मंत्र से कामनापूर्ति का भी महत्व बताया गया है। साथ ही यह शिव ही नहीं बल्कि अनेक देवताओं की उपासना का भी अद्भुत मंत्र है।

शास्त्रों के मुताबिक यह मंत्र 32 अक्षरों से बना है। किंतु ऊँ के जुडऩे पर मंत्र 33 अक्षरों का हो जाता है। इसलिए इसे तैंतीस अक्षरी मंत्र भी कहा जाता है। चूंकि मंत्रों में आने वाले अक्षर, शब्द, स्वर, व्यंजन, ध्वनि और बिंदु देवीय शक्तियों के ही रूप और बल के संकेत होते हैं।

इसी तरह महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षरों में 33 देवीय शक्तियां मानी गई है,जिससे यह मंत्र बहुत प्रभावशाली और शक्तिशाली माना जाता है।

मंत्र व इसके 33 अक्षरों में हर शब्द या अक्षर में छुपे देव शक्ति : -

ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम्पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात।।

:- त्र - ध्रुव वसु। यम - अध्वर वसु। ब - सोम वसु। कम् - वरुण।
य- वायु। ज - अग्नि। म - शक्ति। हे - प्रभास। सु - वीरभद्र।
ग - शम्भु। न्धिम - गिरीश। पु - अजैक। ष्टि - अहिर्बुध्न्य। व - पिनाक। र्ध - भवानी पति। नम् - कापाली। उ - दिकपति। र्वा - स्थाणु। रु -भर्ग। क - धाता। मि - अर्यमा। व- मित्रादित्य। ब - वरुणादित्य। न्ध - अंशु। नात - भगादित्य। मृ - विवस्वान। त्यो - इंद्रादित्य। मु - पूषादिव्य। क्षी - पर्जन्यादिव्य। य - त्वष्टा। मा - विष्णुऽदिव्य। मृ - प्रजापति। तात -वषट।

इस तरह मंत्र में 8 वसु, 11 रुद्र, 12 आदित्य 1-1 प्रजापति और वषट यानी त्रिदेव की शक्तियां समाई है,

:- इससे इसे स्मरण करने वाला काल, संकट, रोग व तमाम दःखों से सुरक्षित रहता है।

https://www.facebook.com/BhagayDarshan/subscribenow

Astrologer Rajesh Nayak in Instagram
rajeshnayak518

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 09835434568......08809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream
Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology,
Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

16/09/2026

जीवन रेखा पर क्रॉस का चिन्ह @

ऐसे में क्या करें जब....... ?यदि बच्चा बाहर से खेलकर, पढ़कर, घूमकर आए और थका, घबराया या परेशान सा लगे तो यह उसे नजर या ह...
16/09/2026

ऐसे में क्या करें जब....... ?

यदि बच्चा बाहर से खेलकर, पढ़कर, घूमकर आए और थका, घबराया या परेशान सा लगे तो यह उसे नजर या हाय लगने की पहचान है।

- ऐसे में उसके सर से 7 लाल मिर्च और एक चम्मच राई के दाने 7 बार घुमाकर उतारा कर लें और फिर आग में जला दें।

- यदि बेवजह डर लगता हो, डरावने सपने आते हों, तो हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान मंदिर में हनुमान जी का श्रृंगार करें व चोला चढ़ाएं।

- व्यक्ति के बीमार होने की स्थिति में दवा काम नहीं कर रही हो, तो सिरहाने कुछ सिक्के रखें और सबेरे उन सिक्कों को श्मशान में डाल आएं।

- व्यवसाय बाधित हो, वांछित उन्नति नहीं हो रही हो, तो 7- शनिवार को सिंदूर, चांदी का वर्क, मोतीचूर के पांच लड्डू, चमेली का तेल, मीठा पान, सूखा नारियल और लौंग हनुमान जी को अर्पित करें।

ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 09835434568......08809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream
Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology,
Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉

🎉PAYMENT OPTION🎉🎉

https://www.facebook.com/BhagayDarshan/subscribenow

Address

Astrologer Rajesh Nayak
Madhubani
847211

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bhagya Darshan astrologer rajesh nayak posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Bhagya Darshan astrologer rajesh nayak:

Shortcuts

Share