21/09/2026
केमद्रुम- योग🎉
ज्योतिषीय ग्रंथों में ग्रहों की विभिन्न स्थितियों से बनने वाले अनेको योगों का वर्णन मिलता है जिनमे से कुछ शुभ फलकारी तो कुछ दुष्परिणाम देने वाले होते हैं "केमद्रुम- योग" एक बहुत चर्चित योग है
जिसका वर्णन सभी ज्योतिषीय ग्रंथों में किया गया है किसी कुंडली में केमद्रुमक- योग के बनने को ज्योतिषीय दृष्टि से अच्छा नहीं माना गया है इस योग को समस्या, संघर्ष और विपरीत परिणाम देने वाला योग माना गया है इस लिए इसे "केमद्रुम-दोष" भी कहा जाता है।
कैसे बनता है केमद्रुम योग -
केमद्रुम योग वास्तव में चन्द्रमाँ की एक विशेष स्थिति से बनने वाला योग है जब किसी कुंडली में चन्द्रमाँ के आगे और पीछे वाले भाव में कोई भी ग्रह ना हो अर्थात चन्द्रमाँ से दूसरा और बरहवा भाव खाली हो तो इसे "केमद्रुम- योग" कहते हैं, (केमद्रुम- योग की गणना में छाया ग्रह राहु-केतु का आंकलन नहीं किया जाता)
केमद्रुम- योग का प्रभाव -
व्यक्ति की कुंडली में केमद्रुम योग हो उसके जीवन में संघर्ष की अधिकता होती है बाधायें बहुत आती हैं जीवन का पूर्ण विकास नहीं हो पाता, सम्पन्न परिवार में जन्म होने पर भी जीवन आभाव में रहता है एक सीमा रेखा के पार व्यक्ति नहीं जा पाता,
इसके आलावा केमद्रुम- योग का प्रभाव हमारे मन और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है चन्द्रमाँ को मन का कारक माना गया है अतः जिस व्यक्तिकी कुंडली में केमद्रुम- योग होता है उसका मन सदैव चलायमान और व्यथित रहता है, नकारात्मक सोच बहुत रहती है
ऐसा व्यक्ति इमोशनली बहुत सेंसिटिव होता है, एंग्जायटी की समस्या होती है और किसी भी बात को लेकर जल्दी ही परेशान हो जाता है ऐसा व्यक्ति बार बार सुअवसरों से चूंक जाता है और व्यथित मन के कारण लक्षय प्राप्त नहीं कर पाता।
विशेष -
केमद्रुम- योग का परिणाम सभी व्यक्तियों को एक ही जैसा मिले ऐसा बिलकुल आवश्यक नहीं है कुंडली में चन्द्रमाँ की अलग-अलग स्थितियों और अन्य ग्रहों के चन्द्रमाँ पर पड़ने वाले प्रभाव से केमद्रुम- योग का परिणाम भिन्न भिन्न हो सकता है -
1. यदि केमद्रुम- योग पाप भाव (6,8,12) में बने तो अधिक बुरे परिणाम देता है।
2. यदि केमद्रुमक- योग में कोई पाप ग्रह चन्द्रमाँ के साथ बैठ जाये तो अधिक दुष्परिणाम होते हैं।
3. केमद्रुम - योग में यदि चन्द्रमाँ अपनी नीच राशि (वृश्चिक) में हो तो दुष्परिणाम बढ़ जाते हैं।
4. केमद्रुम- योग शुभ भाव (केंद्र-त्रिकोण) में हो तो बुरे प्रभाव में कुछ कमी आजाती है।
5. केमद्रुम- योग में चन्द्रमाँ यदि छटे या आठवें भाव में हो तो ऐसे में स्वास्थ समस्याएं बहुत आती हैं।
6. केमद्रुम- योग में चन्द्रमाँ यदि बारहवे भाव में हो तो ऐसा व्यक्ति आर्थिक आभाव और आर्थिक अस्थिरता से परेशान रहता है।
केमद्रुम- योग के परिहार -
वास्तव में परिहार का मतलब किसी दोष का समाप्त हो जाना नहीं बल्कि उसके दुष्परिणाम के कम हो जाने से या सहन करने लायक बन जाने से है। ज्योतिषीय ग्रंथों में केमद्रुम योग के कई परिहार बताये गये हैं जिनके कुंडली में होने से केमद्रुम- योग का दुष्परिणाम कम हो जाता है-
फल दीपिका के अनुसार यदि चन्द्रमाँ के साथ कोई शुभ ग्रह हो तो केमद्रुम- योग का परिहार होता है, चन्द्रमाँ से केंद्र में कोई ग्रह हो या लग्न से केंद्र में कोई ग्रह हो तो भी केमद्रुम- योग का परिहार हो जाता है।
इसके आलावा चन्द्रमाँ अपनी उच्च राशि(वृष) या स्व राशि(कर्क) में हो तो भी केमद्रुम- योग का परिहार होता है, चन्द्रमाँ यदि पूर्णिमा का हो तो भी केमद्रुम- योग का प्रभाव क्षीण पड़ जाता है
इन सब के अतिरिक्त केमद्रुमक- योग के परिहार की सबसे अच्छी स्थिति ये है के यदि बृहस्पति चन्द्रमाँ के साथ बैठ जाये या चन्द्रमाँ पर बृहस्पति की कोई भी (पहली,पांचवी,नौवीं) दृष्टि पड़ रही हो तो केमद्रुम- योग का दुष्परिणाम नहीं होता।
केमद्रुम- योग के लिए उपाय -
1. ॐ सोम सोमाय नमः का रोज एक मल (१०८ बार) जाप करें।
2. प्रतिदिन शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
3. सफ़ेद चन्दन का तिलक लगायें।
4. चांदी की ठोस गोली गले में धारण करें।
5. सोमवार को गाय को खीर खिलाएं।
ज्योतिष कोई परमात्मा नहीं
🎉यह आपका मार्ग दर्शक है.🎉
Astrologer .. Rajesh Nayak
Mobile no.... 8809738768
https://www.facebook.com/BhagayDarshan?ref=stream
https://www.facebook.com/BhagayDarshan/subscribenow
Astrology Services :-
Rajyog Prediction,
Relationship Astrology, Marriage Prediction, Chart Matching Astrology, Education Prediction, Business And Mony Astrology,
Career Prediction, Health, Child, Pregnanacy Astrology,
🎉Astrology Experience 29 year🎉
🎉PAYMENT OPTION🎉🎉